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"  Be yourself, no matter what other think. you have to  live your life, not they."
 "opportunity dances with those who are already on the dance floor"
"Every star deserves a chance to shine"
  "You never fail until you stop trying"
    "Accept the fact, what is done, is done"

Twenty years after; I decided to extend my funny but inspirational take on life ........

मैं जिसे ओढ़ता-बिछाता हूँ / दुष्यंत कुमार
(my favorite poem)

मैं जिसे ओढ़ता-बिछाता हूँ

वो ग़ज़ल आपको सुनाता हूँ

एक जंगल है तेरी आँखों में
मैं जहाँ राह भूल जाता हूँ

तू किसी रेल-सी गुज़रती है
मैं किसी पुल-सा थरथराता हूँ

हर तरफ़ ऐतराज़ होता है
मैं अगर रौशनी में आता हूँ

एक बाज़ू उखड़ गया जबसे
और ज़्यादा वज़न उठाता हूँ

मैं तुझे भूलने की कोशिश में
आज कितने क़रीब पाता हूँ

कौन ये फ़ासला निभाएगा
मैं फ़रिश्ता हूँ सच बताता हूँ